जिंदगी एक सच होने वाला सपना है


 

                 हमारे मन और
अस्तित्व के कुछ ऐसे पहलू
हैं, जिन्हें हम सपना कहते हैं।
आपने लोगों को अकसर यह कहते
तो सुना ही होगा-हां, मेरा एक सपना है।
इस दुनिया में अपने सपनों को साकार
करने का सचेतन तरीका है, कि आप
पहले सपना देखते हैं, फिर उस सपने
को लगातार इतना मजबूत बनाते हैं
कि वो हकीकत में बदल जाए। अपने
सपनों को हकीकत में बदलने की
काबिलियत अधिकतर लोगों में नहीं
होती। दरअसल, उनके सपनों में कोई
एकरूपता नहीं होती। वे हर दिन एक नई
चीज का सपना सजाते हैं। दरअसल उनकी चेतना
पूरी तरह से अस्त-व्यस्त और बिखरी हुई होती है।

             हमारे नब्बे
प्रतिशत सपने तो बस
मन में इकट्ठी हुई इच्छाओं
को रिलीज करने के एक साधन
हैं। अगर ऐसा न हो तो ये हमारे अंदर
एक कुंठा पैदा कर देंगी।

           सपने को साकार
करने का एक पहलू यह
है कि आपकी चेतना और
जीवन उर्जा एक निश्चित दिशा
में हों, जिससे वे आपके लिए हकी-
कत का रूप ले सकें। एक तरह से हम
जो भी सृजन करते हैं, वह हमारे सपनों
का ही साकार रूप होता है। पर अब हम
ऐसे सपनों के बारे में बात करते हैं जिनके
बारे में आपने कभी सोचा नहीं, पर उनको अपने
सपनों में देखते हैं।

 

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