प्रशन्नचित्त होकर जीना सीखें-1


      मनुष्य जीवन परमात्मा का एक अनुपम  
उपहार है, प्रत्येक मानव को यह जीवन  गुजारना
ही  पडता है  चाहे रोकर  गुजारे या  हंसकर  गुजारें  यह
जीवन तो गिने-चुने दिनों का होता है इसे क्यों न प्रशन्नचित्त
होकर गुजारें।जीवन में उतार-चढाव होते रहते हैं, इनका सामना करने
के लिए स्वयं को प्रशन्नचित  रखें,   मानसिक  द्वंद से  बचने   के  लिए
तो हंसना-ही एक मात्र उपाय है ।     कठिन से कठिन समस्याओं का हल हंसने
मुस्कराने से आसान हो जाता है। यदि जीवन के हर क्षण उलझनों में ही    उलझाये
रखेंगे तो विक्षिप्त हो जाओगे। प्रशन्नचित्त रहने वाला व्यक्ति बडी-बडी समस्याओं को
आसानी से सुलझा देता है।महॉपुरुषों का जीवन देखें तों संघर्षमय जीवन में सफलता पाने
का रहस्य उनकी प्रशन्नता का होना रहा है।कवि रविन्द्रनाथ ने कहा है कि जब में अपने आप
हंसता हूं तो मेरा  बोझ हलका हो जाता है । हंसी यौवन का आनन्द है, सौन्दर्य है, श्रंगार है,  जो
व्यक्ति इन्हैं धारण नहीं करता उसका यौवन नहीं ठहर सकता। खिलखिलाकर हंसना, हास्य व्यंग
और विनोदपूर्ण मुस्कराहटह क्रोधित मनुष्य को भी हंसा देती है प्रशन्नचित्त रहने सो शारीरिक और
मानसिक स्वास्थ्य पर चमत्कारी प्रभाव पडते है, तो फिर आप कोशिश करें कि किन कार्यों को करने
से खुशी मिलेगी,अपनी खुशी आपस में बॉटकर लुफ्त उठायें,हमेशा तरोताजा तथा जवान रहने के लिए
प्रशन्नचित्त रहें खूब हंसें ठहाका लगाकर हंसें यह हंसी परमात्मा की देन है इसलिए जितना चाहें हंसिए
फिर देखना जिन्दगी किस तरह खिल उठती है । प्रशन्नचित्त रहकर हंसते समय निम्न बातों को ध्यान
में रखें ः-कभी भी हंसने का अवसर न गवायें,सबअच्छा ही होगा को ध्यान में रखें,बच्चों के साथ बच्चा
बन जाइये,विपरीत समय में भी प्रशन्नचित्त रहें,छोटी मोटी बातों को हंसकर नजरंदाज कर दें,अपने बचपन
की शरारतों को ध्यान में रखें,मूढ ठीक करने के लिए अपने प्रिय गीत को गुनगुनाते रहें,जीवन में व्यावहारिक  
दृष्टिकोण अपनायें,उन कार्यों को करें जिनसे आपको सन्तुष्टि होती हो,वर्तमाटन समय में आप जितना खुश रह
सकते हों रहें,कल की चिंता भूलकर आज भरपूर भोग करें,क्रोध आने पर किसी व्यंगपूर्ण विषय पर चर्चा न करें,
जब अधिक कार्य में व्यस्त होते हो तब साथियों के साथ व्यंग विनोद करते रहें,असामान्य स्थिति  में गुस्से पर
नियनत्रण रखें , बस आओ इस बात को न भूलें कि–
हर वक्त गुल बनकर मुस्कराना ही जिन्दगी है,मुस्कराकरगम भुलाना ही जिन्दगी है,
सफलता पर खुश हुये तो क्या , हारकर खुश रहना ही जिन्दगी है ।

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