बद्री-केदार की यात्रा-2


1-केदारनाथ की यात्रा–
अगर आप भी इन धार्मिक और पर्यटक स्थलों का भ्रमण करना चाहते हैं तो आपके मार्गदर्शन के लिए आपको बता दें कि-आप सबसे पहले केदारनाथ की यात्रा करें,शुभ यात्रा मानी जाती है। शाम को गौरीकुण्ड में ठहरें,सुबह तप्तकुण्ड में स्नान करें और लक्ष्मी मन्दिर में हाथ जोडकर पदयात्रा प्रारम्भ करें, बहुत सुन्दर दृश्य हैं रास्ते में 10 कि0मी चलना है,आप चाहे तो घोडे में बैठ सकते हैं,या डोली में,सारी व्यवस्था मिलेगी रास्ता बहुत सुन्दर मिलेगा,चलते वक्त बहुत रस दिखेगा,कई लोगों से मुलाकात हो जाती है,पराये अपने हो जाते हैं,रास्ते में पानी, आराम करने,खाने-पीने की सारी सुविधाएं मिलेंगी रास्ते में रामवाडा में कुछ आराम कर सकते हैं भोजन कर सकते हैं,फिर आगे बढे रास्ते का पता ही नहीं चलता कि कब पहुंचे।दूर से ही दिखने लगेगा आपको केदारनाथ ।बहुत ही रमणींक स्थल है, केदारनाथ,चारों और वर्फीली पहाडियॉ हैं,चाहें तो आप अगस्तमुनि से हवाई सेवा द्वारा भी केदारनाथ जा सकते हैं,पैदल चलने पर शाम को वहीं रहें,वहॉ रहने के लिए धर्मशाला,होटल गढवाल विकास निगम और पर्यटक निगम की सारी सुविधायें मिलेंगी । शाम को ही आप इधर-उधर भी देख-घूम लें,क्योंकि सुबह के आपकतो समय नहीं मिलेगा ।सुबह पूजा करने के बाद चल देंगे। भोजन करने के लिए 2 बजे तक आप गौरीकुण्ड पहुंच जायेंगे ।

2-त्रिजुगीनारायण की यात्रा–
आप थके होंगे मगर आपको श़ाम के समय का सदुपयोग करना है,वहॉ से 5 कि.मी.त्रिजुगी नारायण है,आध्यात्मिक आस्था का केन्द्र है ।अगर आपको कालीमठ भी जाना है तो हाल्ट के लिए गुप्तकाशी चले जॉय अन्यथा गौरीकुण्ड में ही ठहरे,क्योंकि अगले दिन सुबह यहॉ से बस लगती है बद्रीनाथ के लिए, और भीड इतनी अधिक होती है कि शॉम को ही आपको टिकट लेना होगा। वैसे आपका अपना वाहन हो तो बहुत अच्छा है मगर कठिनाई यह होगी कि यदि वर्षात शुरू हो गई और रोड ब्लॉक होने पर आपको बहुत परेशानी होगी ।यदि आपको रास्ते में में पडने वाले स्थलों को भी देखना है तो आप बसेरे के लिए गुप्तकाशी आ जॉय ।अगले दिन सुबह पहले कालीमठ जॉय थोडा हटकर है, छोटे वाहन जाते है, यह भी आस्था का केन्द्र है । इसी घाटी में मदमहेश्वर का मन्दिर भी है ,वहॉ जाने के लिए आपको योजना बनानी होगी क्योंकि 2या3 जिन का समय चाहिए यहॉ खासकर बंगाली लोग जाते हैं बहुत पुराना मन्दिर है,प्राकृतिक छटा की धनी इस घाटी में लोग जाना नहीं भूलते । लेकिन आप इस समय लौटकर आयें और भोजन करके चलें चोप्ता ।और यदि आपको सीधे बद्रीनाथ जाना है तो गौरीकुण्ड से गोपेश्वर से होते हुए शामको आप बद्रीनाथ पहुंच जायेंगे,वैसे गुप्तकाशी से बसें या छोटे वाहन चलते हैं ।

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