रुद्रनाथ और कल्पनाथ की यात्रा-2


1-रुद्रनाथ की यात्रा-
पद यात्रा का शौक रखने वालों के लिए एक जानकारी देना
चाहूंगा कि रुद्रनाथ हिमालय क्षेत्र में महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटक स्थल है।
सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित यह एक गुफा मन्दिर है, गोपेश्वर से15 कि0मी0 दूर
सीधे खडी चढाई से हिमालय में स्थित है,शीत काल में रुद्रनाथ की मूर्ति डोली से गोपेश्वर
में आ जाती है और गर्मी प्रारम्भ होने बद्रीनाथ की तरह कपाट खुलते हैं ।गोपेश्वर से एक दिन
जाना और एक दिन आना पैदल,प्रारम्भ से ही,जंगल मिलेगा और उसके बुग्याल बाग बुग्याल।जाते
समय खडी चढाई और आते समय उतराई ।रास्ते में अबकोई दिक्कत नहीं होगी होटल खुल गये हैं,रास्ता
ठीक है,रास्ते में भोजपत्र का जंगल मिलेगा. यहॉ जडी -बूटियों का भण्डार है,महंगी-महंगी जडू बूटियॉ यहॉ
पाई जाती है,मासी के फूल जिनको देवताओं के लिए सबसे अच्छी धूप मानी जाती है, रास्तेमें ही मिल जाती है,
इन्हैं निकालने वाले भी चारों ओर आपको लोग मिल सकते हैं ।सुबह चलने पर 3या4 बजे आप रुद्रनाथ पहुंच जायेंगे,
वहॉ ठहरने केलिए धर्मशाला है अब होटल भी खुल चुका है मन्दिर समिति आपकी सारी व्यवस्था कर देगी ।मन्दिर में हाथ
जोडें फिर टहलने जॉय देखें इधर-उधर चारों ओर प्रकृति की विखरी छटा का आनन्द लें,ध्यान रखें यहॉ बहुत ठंडा है,कपडे पूरे
ल जॉय । यहॉ की यात्रा खासकर बंगाली लोग करते हैं,क्योंकि यहॉ आने पर हर प्रकार के आनंद की अनुभूति होती है । शाम को
पूजा करें पण्डित जी आपको पहले ही सलाह दे देंगे,,प्रातः उठकर हाथ मुंह धोकर आरती में सम्मिलित हों फिर प्रस्थान करें और 3-4
बजे तक आप गोपेश्वर पहुंच जायेंगे ।फिर अपने गन्तव्य की ओर जॉय ।शूभ यात्रा ।।

2-कल्पनाथ की यात्रा-
पीपलकोटी से होकर आप जब हेलंग पहुंचें तो वहॉ से आपको बांयें ओर
एक दूसरे मार्ग से होकर 10 कि.मी दूर उर्गम जॉय,फिर वहॉ से 5 कि.मी. आगे कल्पनाथ
बहुत सुन्दर जगह है, रमणीक ,खासकर बंगाली लोग यहॉ आते हैं,यहॉ की प्राकृतिक छटा देखने
लायक है, उसके बाद उसी दिन वापस लौटे और शाम को हाल्ट जोशीमठ करें ।यहॉ पर हर प्रकार की
सुविधा आपको मिलेगी,जिस प्रकार का होटल चाहिए मिलेगा ।फिर अपना प्लान बनायें अगले दिन का ।
यहॉ से 3 स्थानों मेंआपको जाना है पहले कहॉ जाना है यह निश्चित कर लेना है । नीति घाटी का क्षेत्र,यहॉ
धार्मिक स्थल नहीं हैं केवल पर्यटक स्थल हैं,चीन का बार्डर क्षेत्र इसके लिए उप जिलाधिकारी जोशीमठ से पास
बनाना होगा,वरना आप आगे नहीं जा सकेंगे।यह घाटी दर्शनीय, प्राकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध है,एक दिन गये
और अगले दिन वापस लौटे ।अगले दिन 9 या10 बजे आप लौट आयेंगे उसी दिन शाम के समय औली जाना है,
कैसे जॉय रोपवे या बस जैसा भी उपयुक्त लगे,जॉय पूछकर जानकारी करें घूमें देखें और ठहरने के लिए शाम को
जोशीमठ लौट आयें ।

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