अ-रघुवीर नेगी एक परिचय


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मैं तुम्हारी मां हूं,मां का मतलव होता है सम्पूर्ण जिम्मेदारी,जब भी तुम मुझे याद करते हो मैं सम्पूर्ण शक्तियों सहित तुम्हारे सामने रहती हूं

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           “परिश्र का कोई विकल्प नहीं है”
           “असंभव शव्द मेरे शव्दकोष में नहीं है”
     “श्रम ईश्वर की उपासना है, प्रयोग करके देखें”
     “ज्ञानी ही सत्य को देख सकता है अज्ञानी नहीं “

  *

Dr.Raghubir Singh Negi

Principal -Govt.College

http://bookdotwordpressdotcom.wordpress.com 

http://Email-nraghubir@ymail.com

*

*
शिक्षा-

* M.A , M.COM, B.Ed,
L.L.B , आयुर्वेद रत्न

*
सम्मान- Bolt Award- 2007-08 & 2008-09
*

Computer Master

*
पाठकों के लिए एक छोटा सा पुस्तकालय
प्रस्तुत है,जिसकी सामग्री सम्पूर्ण रूप से हिन्दी
में है।लेख छोटे तथा सारयुक्त हैं,कुछ पेज तकनीकी
कारणों से व्यवस्थित नहीं हैं,इस वेवसाइट पर पेज सेटप
  टूल्स के अभाव में अथवा ज्ञान के अभाव से पंक्तियॉ एक सीध
में नहीं बन पा रही हैं शीघ्र व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा
रहा है।

*
लक्ष्य-

हिन्दी भाषा को प्रोत्साहित करना।  
  *
हर वक्त गुल बनकर मुस्कराना ही जिन्दगी है,
मुस्कराकर गम भुलाना ही जिन्दगी है,
सफलता पर खुश हुये तो क्या?
हारकर खुश रहना ही जिन्दगी है।।
*

*
आस्था-सहज योग
  *

*
यदि आपको हमें कोई सलाह
देनी है या मित्रता के भाव प्रदशित
करने हों तो कमेण्ट में लिखनेकी कृपा करें ।
*

रघुवीर सिंह नेगी

2 Comments

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