फ्रेश होना है तो पलकें झपकाएं


              पलकें झपकाना
सामान्य शारीरिक प्रक्रिया
है। आमतौर पर ऐसा माना
जाता है कि आंखों की तरलता
बनाए रखने के लिए पलकों का
झपकना बेहद जरूरी है, लेकिन
जापानी शोधकर्ताओं के मुताबिक
पलकें झपकाने से दिमाग को ताजगी
मिलती है क्योंकि पल भर के इसी लमहे
में हमारा दिमाग आराम कर लेता है।

             शोधकर्ताओं के मुताबिक
जाग्रत अवस्था की कुल अवधि में
से लगभग दस प्रतिशत हिस्से में ह-
मारी पलकें झपकती हैं। जापान की
ओसाका यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने
एक अध्ययन में पाया कि किसी विशेष
मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने से पहले हमारा
दिमाग खुद को इसी तरह तरोताजा करता है।
इससे उसकी सक्रियता बढ़ जाती है।

              शोधकर्ताओं के मुताबिक
दिमाग की ऐसी अवस्था तब होती है
जब हम पढ़ने, बोलने या दिमागी मेहनत
का कोई अन्य कार्य नहीं कर रहे होते हैं।
प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमीज ऑफ
साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार
वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों के मस्तिष्क की
स्कैनिंग की। जिसके अनुसार पलकें
झपकाने के दौरान दिमाग के विजुअल
कॉरटेक्स और सोमेटोसेंसरी कॉरटेक्स
पल भर के लिए सुस्त हो जाते हैं।