बांझपन का इलाज


                मेलबर्न- बाझपन के
इलाज की दिशा में ऑस्ट्रेलिया
में डॉक्टरों को बड़ी कामयाबी
हाथ लगी है। डॉक्टरों ने इससे
पीड़ित एक महिला के पेट में अंडाशय
ऊतक प्रत्यारोपित कर गर्भधारण कराने
में सफलता हासिल की है। चिकित्सा विज्ञानी
इसे बड़ा क्रातिकारी कदम बता रहे हैं। सिडनी
मॉर्निग हेराल्ड में प्रकाशित खबर के अनुसार,
वैली नाम की इस महिला को अंडाशय के कैंसर
के इलाज के बाद डॉक्टरों ने गर्भधारण में असमर्थ
घोषित कर दिया था। इसके बाद मेलबर्न स्थित
आइवीएफ और द रॉयल मेलबर्न हास्पिटल
के डॉक्टरों की एक टीम ने महिला के
पेट में अंडाशय ऊतक प्रत्यारोपण के
जरिये अंडाणु विकसित करने में
सफलता पाई।

               कुछ महीनों बाद ही
महिला जुड़वा बच्चों को जन्म
देगी। डॉक्टरों ने बताया कि अंडाशय
ऊतक प्रत्यारोपण के जरिये अब तक
ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ एक और दुनियाभर
में 30 बच्चों को जन्म दिया जा सका है।
लेकिन यह अपनी तरह का पहला मामला
है जिसमें अंडाशय ऊतक को शरीर के किसी
अन्य हिस्से में प्रत्यारोपित कर अंडाणु विकसित
करने में सफलता हासिल की गई हो। मोनाश आइ-
वीएफ के अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा निदेशक गैब कोवाक्स
ने इसे क्रातिकारी खोज करार दिया। वहीं, रॉयल मेलबर्न
हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ऐसी 300 महिलाओं के शरीर
से नमूने लिए हैं और इसी प्रक्रिया के जरिये उन्हें
गर्भधारण में सफलता हासिल कराने के प्रयास में
जुट हुए हैं।